- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला – पुजारियों के मानदेय में वृद्धि! अब मध्यप्रदेश में भी उठी मांग, सरकार पर दबाव बढ़ा; पुजारियों ने की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
राजस्थान सरकार ने पुजारियों के मानदेय में बड़ा इज़ाफा करते हुए इसे ₹5000 से बढ़ाकर ₹7500 प्रतिमाह कर दिया है। साथ ही, भगवान की सेवा-पूजा, भोग-प्रसाद, उत्सव और पूजन सामग्री के लिए मिलने वाली राशि ₹1500 से बढ़ाकर ₹3000 कर दी गई है।
अब मध्यप्रदेश में भी गूंज उठी मांग, सरकार पर बढ़ा दबाव!
राजस्थान सरकार के इस फैसले के बाद अब मध्यप्रदेश में भी पुजारियों ने अपनी मांग बुलंद कर दी है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ, उज्जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की है कि मध्यप्रदेश के पुजारियों को भी सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। महासंघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुजारियों का मानदेय ₹10,000 प्रतिमाह और भगवान की सेवा-पूजा के लिए ₹3000 प्रतिमाह किया जाए।
महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पुजारियों के हित में यह ऐतिहासिक फैसला लिया है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अब तक इस मुद्दे पर चुप है। पुजारियों और धार्मिक संगठनों ने इस पर जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने कहा कि यह मांग सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अन्य राज्यों को भी पुजारियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।